परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश
जयपुर/सच पत्रिका न्यूज
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 (जल ग्रहण विकास घटक) की समीक्षा बैठक शुक्रवार शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए भू-संसाधन विभाग, भारत सरकार के संयुक्त सचिव नितिन खाड़े ने कहा कि पीएमकेएसवाई 2.0 जलग्रहण विकास योजना भूजल वृद्धि, जल उपलब्धता और गुणवत्ता में बढ़ोतरी के जरिए किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार लाने वाली महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य एकीकृत दृष्टिकोण में वाटरशेड विकास परियोजनाएं चलाकर देश के बंजर और वर्षा सिंचित क्षेत्रों का सतत विकास सुनिश्चित करना है। संयुक्त सचिव ने योजना अन्तर्गत केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश प्रदान किये जिससे योजना के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण किया जा सके। उन्होंने आशा जताई कि जून, 2025 तक राज्य अधिकतम राशि का उपयोग कर लेगा।
उन्होंने जल ग्रहण परियोजनाओं में जन भागीदारिता के साथ अधिक से अधिक कार्य लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए एनजीओ की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला प्रभारियों को योजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों की स्वीकृति उनके क्रियान्वयन एवं प्रगति हेतु समय सारणी बनाकर उनके अनुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये। खाड़े ने राजस्थान में जल ग्रहण विकास योजनाओं में तकनीक के बेहतरीन उपयोग की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकाधिक पौधारोपण के बारे में राजस्थान द्वारा तैयार किये गये विभिन्न पौधारोपण मॉडल, जिनमें पौधो के जीवित रहने एवं ग्राम पंचायत की आय बढने की अधिक संभावना हैं, की भी प्रशंसा की।
बैठक के प्रारंभ में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम ने खाडे़ का स्वागत करते हुये राजस्थान में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 अन्तर्गत चल रही जल ग्रहण विकास योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी। अंत में मुहम्मद जुनैद, निदेशक एवं पदेन संयुक्त शासन सचिव, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया और केन्द्र सरकार द्वारा किये गये लक्ष्यों का तय समय सीमा में पूरी करने का आश्वासन दिया।बैठक में सभी जिलों से विभाग के प्रतिनिधि वीसी के माध्यम से सम्मिलित हुए और योजना की प्रगति की जानकारी दी।
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