विधायकों के आश्वासन पर 55 दिन से चल रहा वकीलों का आंदोलन स्थगित
कोटपूतली-बहरोड़/सच पत्रिका न्यूज
कोटपूतली में जिला न्यायालय की स्थापना को लेकर जिला अभिभाषक संघ कोटपूतली द्वारा पिछले 55 दिनों से चल रहा कार्य बहिष्कार और क्रमिक अनशन शनिवार को विधायकों के ठोस आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। न्यायालय परिसर में जारी धरना स्थल पर पहुंचे कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल, विराटनगर विधायक कुलदीप धनकड़ और बानसूर विधायक देवीसिंह शेखावत ने वकीलों को भरोसा दिलाया कि डीजे कोर्ट कोटपूतली में ही खोला जाएगा और इस मांग को वे पहले ही विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल अभिभाषकों की मांग नहीं, बल्कि हमारी भी प्रतिबद्धता है। हम पहले भी मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं और डीजे कोर्ट को कोटपूतली में खुलवाने की पूरी जिम्मेदारी हमारी है। तीनों विधायकों के आश्वासन को सकारात्मक पहल मानते हुए अभिभाषक संघ कोटपूतली, विराटनगर, बानसूर, पावटा और नारायणपुर के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से अनिश्चितकालीन हड़ताल, क्रमिक अनशन और 6 अप्रैल को प्रस्तावित दांडी न्याय यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया। विधायकों ने क्रमिक अनशन पर बैठे वकीलों को जूस पिलाया। संघ के अध्यक्ष उदयसिंह तंवर ने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी व्यापारिक, सामाजिक व धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों का आभार प्रकट किया और कहा कि यह आंदोलन सिर्फ न्यायिक ढांचे की मांग नहीं थी, बल्कि यह कोटपूतली की भावनाओं और विकास की लड़ाई थी, जिसमें समाज के हर वर्ग ने अपनी भूमिका निभाई।
अब नजरें घोषणा पर टिकी
अब सभी की निगाहें उस घोषणा पर टिकी हैं, जिसमें कोटपूतली में डीजे कोर्ट की स्थापना को लेकर विधायकों ने आश्वासन दिया है। आंदोलन स्थगित तो हुआ है, लेकिन अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो संघर्ष फिर से शुरु हो सकता है। धरने पर वकीलों ने यह संदेश भी स्पष्ट रूप से दिया। इस दौरान बानसूर बार अध्यक्ष बनवारी लाल यादव, विराटनगर बार अध्यक्ष गोपाल टांक, पावटा बार अध्यक्ष ओमप्रकाश सैनी, नारायणपुर बार अध्यक्ष रविंद्र शर्मा, कोटपूतली उपाध्यक्ष रंजीत सिंह वर्मा, सचिव हेमंत शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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