कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, सीएम को सौंपा ज्ञापन
कोटपूतली-बहरोड़/सच पत्रिका न्यूज
विद्युत निगम के निजीकरण को लेकर विरोध तेज हो गया है। बुधवार को कोटपूतली में राजस्थान विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा के नाम निगम अधिकारियों और उपखंड प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति का कहना है कि विद्युत क्षेत्र में उत्पादन, प्रसारण और वितरण निगम में विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर अंधाधुंध निजीकरण किया जा रहा है। समिति ने कई बार इस पर रोक लगाने का आग्रह किया, लेकिन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। विद्युत क्षेत्र का संचालन रा’य सरकार द्वारा निगम के माध्यम से होता है। यह उद्योगों, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली जरुरतें पूरी करता है। अब तक यह बिना लाभ-हानि के सिद्धांत पर चल रहा था, लेकिन अब लोक कल्याणकारी भावना को छोडक़र इसे लाभ-हानि के आधार पर चलाया जा रहा है। समिति ने ज्ञापन में तीन अहम बिंदुओं पर निजीकरण का विरोध किया है। उनकी मांग है कि निजीकरण पर रोक लगाई जाए। साथ ही नए कर्मचारियों की भर्ती कर ग्रिड सब स्टेशनों और तापीय विद्युत उत्पादन गृह का संचालन निगम कर्मचारियों से करवाया जाए। मांगें नहीं मानी गई तो कर्मचारी आंदोलन करेंगे। इस दौरान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार, जेईएन रामलखन, कृष्ण कुमार, अनिल कुमार, बुधराम, अजय कुमार, पवन कुमार, सुमित कुमार, रुपसिंह, महेशचंद सुशील कुमार, गिरवर प्रसाद, प्रकाश चंद, पुष्करमल, बेगराज, निरंजन लाल, कर्मपाल, यादराम, विनोद कुमार, मोहन लाल, शरद कुमार, उमेशचंद, संदीप कुमार व देशराज सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।