KOTPUTLI-BEHROR: गैस सिलेंडर की किल्लत केवल ‘अफवाह’, प्रशासन ने संभाला मोर्चा; कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं

KOTPUTLI-BEHROR: गैस सिलेंडर की किल्लत केवल ‘अफवाह’, प्रशासन ने संभाला मोर्चा; कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं

कोटपूतली-बहरोड़/सच पत्रिका न्यूज़
पिछले कुछ दिनों से जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल रही भ्रामक खबरों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) ओमप्रकाश सहारण ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है। आमजन को किसी भी प्रकार की चिंता करने या ‘पैनिक बुकिंग’ करने की आवश्यकता नहीं है। राजस्थान के मुख्य सचिव से प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की है। एडीसी ओमप्रकाश सहारण ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सिलेंडर की कमी की अफवाह फैलाई जा रही थी, जिससे उपभोक्ताओं में डर का माहौल बन गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले की सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त रिफिल उपलब्ध हैं और तेल कंपनियों से निरंतर आपूर्ति जारी है।

कंट्रोल रूम स्थापित: टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराएं शिकायत

उपभोक्ताओं की सुविधा और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला स्तर पर एक विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। जिला रसद अधिकारी (DSO) शशि शेखर शर्मा ने जानकारी दी कि यदि किसी उपभोक्ता को सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही है या कोई एजेंसी अधिक दाम वसूल रही है, तो वे सीधे इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
विभागीय टोल फ्री नंबर: 1445
पुलिस कंट्रोल रूम: 112
इन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन तत्काल संज्ञान लेगा और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
सप्लाई के नए नियम: 25 दिन का अंतराल अनिवार्य
वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट किया है….
बुकिंग का समय: एक बार रिफिल प्राप्त करने के बाद उपभोक्ता 25 दिन के अंतराल के बाद ही अगली बुकिंग करा सकेगा।
होम डिलीवरी: गैस कंपनियों और एजेंसियों को पाबंद किया गया है कि वे बुकिंग के उपरांत घर पर ही सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करें।
अनावश्यक भंडारण पर रोक: प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे भविष्य की आशंका के चलते सिलेंडरों का अनावश्यक भंडारण (Stockpiling) न करें, ताकि कृत्रिम किल्लत की स्थिति पैदा न हो।

कालाबाजारी पर ‘स्ट्राइक’: गठित हुए विशेष जांच दल

गैस सिलेंडरों के अवैध संग्रहण और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला रसद विभाग ने कमर कस ली है। जिले भर में विशेष निगरानी टीमों और जांच दलों का गठन किया गया है। ये टीमें गैस एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर और वितरण प्रक्रिया की औचक जांच करेंगी।

होगी जेल और भारी जुर्माना:

जिला रसद अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग, अवैध संग्रहण या कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज होगा:
द्रवित पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति एवं वितरण का विनियमन) आदेश, 2000
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955। इन अधिनियमों के तहत दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इनका कहना है….

“नागरिक किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। जिले में आपूर्ति व्यवस्था सुचारू है और सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाना सुनिश्चित करें।” — ओमप्रकाश सहारण, अतिरिक्त जिला कलेक्टर

Share :