पंचायत चुनाव में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 15 दिन में मांगा जवाब
बालकृष्ण शुक्ला/सच पत्रिका न्यूज़
कोटपूतली-बहरोड़।
पंचायतीराज आम चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के प्रयासों के बीच निर्वाचन ड्यूटी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रशासन का सख्त डंडा चला है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने और आदेशों की अवहेलना करने पर 5 रिटर्निंग ऑफिसर तथा 74 सहायक मतदान अधिकारियों व मतदान अधिकारियों सहित कुल 79 चुनाव कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 26(1) के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में नियुक्त इन सभी कार्मिकों को 27 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे शहर के लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय में आयोजित अंतिम प्रशिक्षण में भाग लेने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन नियुक्ति पत्र और पूर्व सूचना मिलने के बावजूद ये सभी बिना अनुमति गैरहाजिर रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए रेखांकित किया कि निर्वाचन दायित्वों की उपेक्षा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134 के तहत संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है, जिसमें दंडात्मक कार्रवाई का कड़ा प्रावधान है। नोटिस जारी कर सभी अनुपस्थित कार्मिकों को 15 दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं, साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में उचित कारण न बताने पर उनके विरुद्ध एकपक्षीय कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। जिला प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है कि चुनाव कार्य एक अत्यंत संवेदनशील एवं समयबद्ध राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
