एनक्वास टीम ने परखी बीडीएम अस्पताल की जमीनी हकीकत

एनक्वास टीम ने परखी बीडीएम अस्पताल की जमीनी हकीकत

15 दिन की तैयारियों के बीच उतरी राष्ट्रीय टीम, व्यवस्थाओं की तारीफ के साथ कई खामियां भी आईं सामने

बालकृष्ण शुक्ला/सच पत्रिका न्यूज़
कोटपूतली-बहरोड़।
राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों पर परखने के लिए गुरुवार को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक की टीम ने सघन निरीक्षण किया। इस बड़े मूल्यांकन को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन पिछले 15 दिनों से युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा था, जिसका असर परिसर में साफ दिखा। मुख्य द्वार से लेकर वार्डों तक विशेष स्वच्छता नजर आई, गैलरी को हरे-भरे गमलों और गुब्बारों से सजाया गया था, बेतरतीब खड़े वाहनों को हटाकर सुव्यवस्थित पार्किंग बनाई गई और चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक सभी निर्धारित ड्रेस कोड में मुस्तैद दिखाई दिए। निरीक्षण की शुरुआत में टीम ने प्रोजेक्टर के जरिए अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक कर पूरी व्यवस्था का खाका समझा। इसके बाद टीम के असेसर्स ने पीएमओ डॉ. पुष्कर राज गुर्जर और समूचे अस्पताल प्रशासन की मौजूदगी में ओपीडी, आईपीडी, लेबर रूम, आईसीयू, पैथोलॉजी लैब, इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर और दवा वितरण काउंटरों का एक-एक कर बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान टीम ने बायो-मेडिकल कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण के उपायों, डस्टबिन और शिकायत पेटिका की पड़ताल की, वहीं इमरजेंसी में बीपी सहित अन्य मशीनों को ऑन करवाकर उनकी क्रियाशीलता जांची। परिसर में लगे नए जागरूकता फ्लेक्स देखकर टीम ने पूछा भी कि ये अभी लगाए गए हैं या पहले से थे। टीम सदस्यों ने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर मिलने वाली सुविधाओं, इलाज और दवाइयों की हकीकत जानी। कड़े राष्ट्रीय मानकों की कसौटी पर जांच के दौरान जहां अधिकांश व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं, वहीं कई विभागों में कमियां और खामियां भी उजागर हुईं, जिन्हें तुरंत दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए। पीएमओ डॉ. पुष्कर राज गुर्जर ने बताया कि टीम का निरीक्षण पूरा हो चुका है और अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं। अब पूरी नजर टीम द्वारा दी जाने वाली स्कोरिंग पर टिकी है। यदि अस्पताल तय मानकों पर खरा उतरता है तो इसे राष्ट्रीय एनक्वास प्रमाण पत्र हासिल होगा, जिससे अस्पताल के कायाकल्प और सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार से सालाना भारी-भरकम बजट मिल सकेगा।

Share :