शुक्रवार को नाम वापसी के बाद साफ होगी अंतिम तस्वीर

बालकृष्ण शुक्ला/सच पत्रिका न्यूज़
कोटपूतली-बहरोड़।
नगर परिषद में सभापति पद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए राजनीतिक दलों के बीच शह-मात और जोड़-तोड़ का खेल अपने चरम पर पहुंच गया है, जहां स्पष्ट जनादेश न मिलने के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों की नैया निर्दलीय पार्षदों के सहारे टिकी हुई है। नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनावी नतीजों में भाजपा को 19 और कांग्रेस को मात्र 13 सीटों पर जीत मिली है, जबकि 28 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराकर चुनावी गणित को पूरी तरह उलझा दिया है। ऐसे में बहुमत के आंकड़े से दूर दोनों दल निर्दलीयों को अपने पाले में खींचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और पूर्ण बहुमत होने का दावा भी ठोक रहे हैं, लेकिन चार निर्दलीय प्रत्याशियों के सीधे चुनावी मैदान में ताल ठोक देने से मुकाबला बेहद रोचक और त्रिकोणीय स्थिति में पहुंच गया है।
यह प्रत्याशी अभी भी मैदान में डटे
गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम योगेश सिंह देवल ने बताया कि सभापति पद के लिए दाखिल सभी 6 प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी से कमल सैनी और कांग्रेस से रमेश पायला आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में आमने-सामने हैं। वहीं पार्टी सिंबल न मिल पाने के कारण महेंद्र कुमार सैनी और प्रकाशचंद सैनी की उम्मीदवारी अब निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में तब्दील हो चुकी है, जबकि अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों में सुषमा सैनी और दिनेश मीणा के नामांकन भी पूरी तरह वैध करार दिए गए हैं। हालांकि महेंद्र कुमार सैनी ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा अवश्य की है, परंतु नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने तक संशय के बादल छंटे नहीं हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर कयासबाजी तेज है कि पार्षदों का अंतिम झुकाव किस खेमे की ओर होगा, क्योंकि एक तरफ दोनों दल अपनी-अपनी जीत तय बता रहे हैं, तो वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे दिनेश मीणा ने भी अपने पास पर्याप्त संख्या बल होने का खुला दावा कर प्रमुख पार्टियों की नींद उड़ा दी है। पूरे शहर में इस समय सभापति की सीट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई चुनावी समीकरणों को भांपने में जुटा हुआ है।
शुक्रवार को हो सकेगी नाम वापसी
निर्वाचन अधिकारी योगेश सिंह देवल के अनुसार शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे, जिसके तुरंत बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्हों का आवंटन कर दिया जाएगा और इसी के साथ मुकाबले की वास्तविक तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। यदि नाम वापसी के बाद भी चुनावी मैदान में एक से अधिक प्रत्याशी डटे रहते हैं, तो 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान करवाया जाएगा और मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।?
