कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस मना रही ‘साइबर सुरक्षा राजस्थान’ जागरूकता माह

कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस मना रही ‘साइबर सुरक्षा राजस्थान’ जागरूकता माह

बालकृष्ण शुक्ला/सच पत्रिका न्यूज़
कोटपूतली-बहरोड़। पुलिस मुख्यालय राजस्थान के निर्देशानुसार 1 से 30 सितम्बर तक पूरे प्रदेश में ‘साइबर सुरक्षा राजस्थान’ जन-जागरूकता माह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देशन में कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस द्वारा साइबर ठगी से बचाव और नागरिकों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। साइबर थानाधिकारी निर्मला पाण्डया (आरपीएस) ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों, बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों और उनसे बचाव के उपायों की पूरी जानकारी दी जा सके। पुलिस आमजन को डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी केवाईसी अपडेट, बैंकिंग व यूपीआई/क्यूआर कोड फ्रॉड, फर्जी ऑनलाइन निवेश, सोशल मीडिया ठगी, फर्जी लोन ऐप, पार्ट टाइम जॉब के झांसे, सेक्सटॉर्शन और ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड जैसी गतिविधियों से सचेत रहने की सीख दे रही है।
​निर्मला पाण्डया ने स्पष्ट किया है कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए ऐसे किसी भी कॉल से डरने या घबराने के बजाय सतर्क रहें और किसी के दबाव में आकर पैसे बिल्कुल ट्रांसफर न करें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पिन, सीवीवी, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऐप डाउनलोड करने से बचें और किसी के कहने पर स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस ऐप कदापि इंस्टॉल न करें। यदि किसी के साथ दुर्भाग्यवश कोई साइबर ठगी हो जाती है, तो बिना समय गंवाए शुरुआती गोल्डन ऑवर्स में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, जिससे ठगी गई राशि को समय रहते होल्ड या रिकवर किया जा सके।

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