जयपुर रेंज पुलिस का देश में पहला अनोखा डिजिटल नवाचार, गूगल मैप्स से जुड़े 101 जानलेवा ब्लैक स्पॉट्स
सच पत्रिका न्यूज़/बालकृष्ण शुक्ला।
जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) सहित रेंज के प्रमुख मार्गों पर तेज रफ्तार और खतरनाक मोड़ों के कारण होने वाले भीषण सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने देश का पहला और अनूठा डिजिटल सुरक्षा चक्र तैयार किया है। जयपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राहुल प्रकाश के विजन और निर्देशन में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सेफर रोड्स’ के तहत रेंज के 101 सबसे संवेदनशील दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को सीधे गूगल मैप्स प्लेटफॉर्म से एकीकृत कर दिया गया है। इस आधुनिक तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जब भी कोई वाहन चालक गूगल मैप्स नेविगेशन का उपयोग करते हुए यात्रा करेगा, तो चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर पहुंचने से ठीक 200 मीटर पहले ही उसके मोबाइल पर वॉयस अलर्ट और स्क्रीन पॉप-अप मैसेज आ जाएगा, जो चालक को सतर्क कर वाहन की गति नियंत्रित करने के लिए आगाह करेगा। पुलिस विभाग ने पिछले तीन वर्षों के सड़क हादसों, मौतों और ट्रैफिक पैटर्न के वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद इन 101 खतरनाक स्थानों को चिन्हित किया है, जिन्हें जोखिम की गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें 20 या उससे अधिक मौतों वाले क्षेत्रों को रेड जोन, 10 से 20 मौतों वाले स्थानों को ऑरेंज जोन और 5 से 10 मौतों वाले 63 स्थानों को येलो जोन में वर्गीकृत किया गया है। यह व्यवस्था जयपुर ग्रामीण, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, खैरथल-तिजारा, भिवाड़ी और दौसा जिलों में पूरी तरह लाइव हो चुकी है। व्यस्ततम दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कोटपूतली-बहरोड़ जिले में 19 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इस संबंध में कोटपूतली-बहरोड़ एसपी सतवीर सिंह ने बताया कि हाईवे पर अत्यधिक यातायात दबाव के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से आईजी जयपुर रेंज द्वारा यह अभिनव प्रयोग किया गया है, जिससे चालकों को 200 मीटर पहले ही खतरे की चेतावनी मिल सकेगी और हादसों में भारी कमी आएगी। इसके साथ ही पुलिस ने टोल प्लाजा और हाईवे ढाबों के लिए विशेष क्यूआर कोड भी जारी किए हैं, जिन्हें स्कैन करते ही वाहन चालकों के फोन में पूरे रूट के खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट्स की सूची जीपीएस लोकेशन के साथ खुल जाएगी। इस सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब जयपुर रेंज पुलिस ने इसे पूरे प्रदेश और देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और पुलिस मुख्यालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजा है।

