त्योहार पर लोकतंत्र का सम्मान: धनतेरस पर नहीं पड़ेंगे वोट

त्योहार पर लोकतंत्र का सम्मान: धनतेरस पर नहीं पड़ेंगे वोट

चुनाव आयोग ने बदला पंचायतीराज का टाइम-टेबल; कोटपूतली-बहरोड़ का पूरा चुनावी गणित

बालकृष्ण शुक्ला/सच पत्रिका न्यूज़
कोटपूतली-बहरोड़।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने त्योहारों के उल्लास और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए चुनावी तारीखों में बड़ा फेरबदल किया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के मतदान कार्यक्रम को संशोधित कर नया चुनावी कैलेंडर जारी कर दिया है। संशोधन के तहत सबसे बड़ी राहत यह दी गई है कि अब धनतेरस के पावन पर्व के दिन मतदान नहीं कराया जाएगा। पूर्व में तय कार्यक्रम के अनुसार 3605 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच चुनने के लिए मतदान धनतेरस यानी 6 नवंबर को प्रस्तावित था, जिसमें संशोधन करते हुए अब वोटिंग एक दिन पूर्व यानी 5 नवंबर को कराने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से ग्रामीण मतदाताओं के साथ-साथ चुनावी ड्यूटी में तैनात होने वाले कर्मचारियों को भी पर्व के दिन बड़ी सुविधा मिलेगी।
​धनतेरस पर टली वोटिंग, तीसरे चरण में बदलीं तारीखें
​आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार तीसरे चरण के तहत होने वाले चुनावों की रूपरेखा पूरी तरह बदल गई है। तीसरे चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान अब 3 नवंबर को संपन्न होगा। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 5 नवंबर को पंच और सरपंच पदों के लिए वोट डाले जाएंगे। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 6 नवंबर को धनतेरस होने के कारण व्यापारियों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा मतदान तिथि बदलने की मांग उठ रही थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने पंच-सरपंच चुनाव की तारीख 5 नवंबर तय कर दी है।
​कोटपूतली-बहरोड़: दूसरे चरण में 28 व 30 अक्टूबर को मतदान
​कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बात करें तो यहां पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव अलग-अलग चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। जिले की नारायणपुर, कोटपूतली, बानसूर और पावटा पंचायत समिति क्षेत्र को दूसरे चरण में शामिल किया गया है। नए शेड्यूल के मुताबिक, इन चारों पंचायत समितियों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान 28 अक्टूबर को होगा। वहीं, इन क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार चुनने यानी सरपंच व वार्ड पंच पदों के लिए 30 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।
​नीमराना, विराटनगर, बहरोड़ व मेड कुंण्डला का चुनावी शेड्यूल
​जिले की शेष बची पंचायत समितियों—नीमराना, विराटनगर, मेड कुंण्डला और बहरोड़ में चुनावी दंगल तीसरे चरण के अंतर्गत होगा। संशोधित समय-सारिणी के तहत इन क्षेत्रों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य के चुनाव हेतु 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 5 नवंबर को ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच चुनने के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस प्रकार जिले के सभी ग्रामीण अंचलों में नवंबर के पहले सप्ताह तक मतदान का मुख्य दौर पूरा कर लिया जाएगा।
​चारों चरणों का खाका और नतीजों का दिन तय
​आयोग द्वारा जारी विस्तृत समय-सारिणी के अनुसार चारों चरणों की नामांकन व मतदान प्रक्रिया स्पष्ट कर दी गई है। जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए प्रथम चरण का मतदान 22 अक्टूबर, दूसरा 28 अक्टूबर, तीसरा 3 नवंबर और चौथा चरण 14 नवंबर को होगा, जबकि इन सभी सदस्यों के चुनाव परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। दूसरी ओर, पंच और सरपंच पदों के लिए पहले चरण की वोटिंग 24 अक्टूबर, दूसरे की 30 अक्टूबर, तीसरे की 5 नवंबर और चौथे चरण की वोटिंग 16 नवंबर को होगी। पंच-सरपंच चुनाव के परिणाम मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन देर रात तक घोषित कर दिए जाएंगे।

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